शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ के प्रथम क्रांतिकारी


veer narayan singh original photo 


शहीद वीर नारायण सिंह – छत्तीसगढ़ के प्रथम क्रांतिकारी

शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ के पहले स्वतंत्रता सेनानी और महान जननायक थे, जिन्होंने अंग्रेजों के अत्याचार और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाई। उनका जन्म सन् 1795 में छत्तीसगढ़ के सोनाखान (वर्तमान बलौदा बाजार-भाटापारा जिला) में हुआ था। वे एक साधारण किसान परिवार से थे, लेकिन उनका हृदय देशभक्ति और जनसेवा की भावना से भरा हुआ था।

अकाल के समय जनता की सेवा

सन् 1856 में छत्तीसगढ़ में भयंकर अकाल पड़ा। लोग भूख से तड़प रहे थे, अनाज के दाम आसमान छू रहे थे और अंग्रेज प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ था। ऐसे समय में वीर नारायण सिंह ने साहसिक कदम उठाया। उन्होंने अमीर ज़मींदारों और व्यापारियों के गोदामों से अनाज निकालकर गरीबों में बाँट दिया, ताकि कोई भूखा न मरे।

यह कदम अंग्रेज सरकार को पसंद नहीं आया और उन्होंने वीर नारायण सिंह को “अपराधी” घोषित कर दिया।

अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष

वीर नारायण सिंह ने केवल सामाजिक कार्य ही नहीं किया, बल्कि अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का भी नेतृत्व किया। उन्होंने आसपास के गाँवों के लोगों को संगठित किया और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध बिगुल फूंका। यह संघर्ष 1857 की क्रांति से पहले ही प्रारंभ हो चुका था, इसलिए उन्हें छत्तीसगढ़ का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कहा जाता है।

गिरफ्तारी और शहादत

अंग्रेजों ने धोखे से वीर नारायण सिंह को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें रायपुर जेल भेज दिया गया। लंबी यातनाओं के बावजूद उन्होंने अपने विचार नहीं बदले। अंततः 10 दिसंबर 1857 को अंग्रेजों ने उन्हें रायपुर में फाँसी दे दी।
इस प्रकार एक महान देशभक्त ने मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।

छत्तीसगढ़ का गौरव

आज वीर नारायण सिंह का नाम पूरे छत्तीसगढ़ में सम्मान के साथ लिया जाता है। उनके सम्मान में:

वीर नारायण सिंह स्टेडियम रायपुर में स्थित है

अनेक प्रतिमाएँ एवं स्मारक स्थल बनाए गए हैं

हर वर्ष शहादत दिवस मनाया जाता है


वे केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि गरीबों के मसीहा और न्याय के प्रतीक थे।

निष्कर्ष

शहीद वीर नारायण सिंह का जीवन हमें सिखाता है कि सच्ची देशभक्ति केवल हथियार उठाना नहीं, बल्कि भूखे को भोजन देना और अन्याय के खिलाफ खड़े होना है। उनका बलिदान सदैव छत्तीसगढ़ और पूरे भारत को प्रेरणा देता रहेगा।

जय हिंद! 🇮🇳

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